विश्व भारती शिक्षा सदन में दीपावली पर रंगोली के माध्यम से सामाजिक संदेश

विश्व भारती शिक्षा सदन

Siyaram Ojha

10/21/20251 min read

दीपावली के पावन अवसर पर हमारे विश्व भारती शिक्षा सदन के छात्र-छात्राओं ने न केवल रंगों की सुंदर छटा बिखेरी, बल्कि अपनी रचनात्मकता और सामाजिक जागरूकता का अद्भुत परिचय भी दिया। विद्यार्थियों ने रंगोली के माध्यम से समाज को तीन महत्वपूर्ण विषयों पर संदेश देने का सराहनीय प्रयास किया — भ्रूण हत्या, नारी सशक्तिकरण, और अनेकता में एकता।

1.⁠ ⁠भ्रूण हत्या: समाज पर कलंक

रंगोली की पहली थीम में भ्रूण हत्या जैसे गंभीर और संवेदनशील विषय को उठाया गया। छात्रों ने यह दर्शाया कि बेटियों को जन्म से पहले समाप्त करना न केवल अमानवीय है, बल्कि समाज के संतुलन के लिए भी हानिकारक है। साथ ही रंगोली के एक भाग में यह दिखाया गया कि एक शिक्षित और सशक्त नारी समाज, परिवार और राष्ट्र को नई दिशा दे सकती है।

संदेश: बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ – समाज को संतुलित बनाओ।

2.⁠ ⁠नारी सशक्तिकरण: आत्मबल की अभिव्यक्ति

दूसरी रंगोली के माध्यम से छात्राओं ने यह दिखाने का प्रयास किया कि वर्तमान समय में बेटियाँ हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं – चाहे वह विज्ञान हो, खेल हो या राजनीति। यदि उन्हें उचित अवसर मिले तो वे समाज का नेतृत्व कर सकती हैं।

संदेश: नारी को अवसर मिले, तो वह चमत्कार कर सकती है।

3.⁠ ⁠अनेकता में एकता: भारत की आत्मा

तीसरी रंगोली में भारत की विविधता को दर्शाते हुए यह बताया गया कि विभिन्न धर्मों, जातियों और भाषाओं के बावजूद भारत एक राष्ट्र है। संविधान के तहत हम सभी एकता के सूत्र में बंधे हैं और देश के विकास में समान रूप से योगदान दे रहे हैं।

संदेश: विविधता में एकता ही भारत की असली ताकत है।

इन रंगोलियों ने यह स्पष्ट कर दिया कि ये केवल सजावट नहीं थीं, बल्कि विद्यार्थियों की सोच, समझ और सामाजिक जिम्मेदारी का चित्रण थीं। विद्यालय परिवार को इन प्रतिभाशाली बच्चों पर गर्व है।